डॉक्टर की लापरवाही से जुड़वे बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

बड़कागांव में कुकरमुत्ते की तरह चलाए जा रहे  अवैध नर्सिंग होम की खुली पोल




डॉक्टर की लापरवाही से जुड़वे बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा



नर्सिंग होम संचालक ने लिया था सुरक्षित प्रसव कराने का जिम्मा


बड़कागांव- शांति सेवा सदन बड़कागांव में असुविधा व डॉक्टर की लापरवाही के कारण गीता देवी की जुड़वा बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने  हंगामा किया । ज्ञात हो कि बड़कागांव में इन दिनों कुकुरमुत्ता की तरह नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं। और इस पर चिकित्सा विभाग के तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है आखिर कब तक ऐसे ही मरीजों के जान पर खेलते रहेंगे बड़गांव के अवैध संचालित नर्सिंग होम।

क्या है मामला- 

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड के कुम्हार डीहा ग्राम निवासी जनक महतो के पुत्र मुरली महतो ने अपनी पत्नी गीता देवी को प्रसव कराने को लेकर गुरुवार सुबह बड़कागांव हजारीबाग मार्ग स्थित रेंज ऑफिस के निकट शांति सेवा सदन में भर्ती कराया गया। जिसका सुरक्षित प्रसव कराने की शांति सेवा सदन के  संचालक विवेक कुमार सोनी ने लिया था। भर्ती के बाद संचालक द्वारा हजारीबाग से डॉक्टर अर्जुन कुमार को टेलीफोन कर बुलाया गया। जिसको आने में काफी विलंब हुआ और पांच घंटे बाद ऑपरेशन दोपहर  की गई जिसके बाद पेट में पल रहे जुड़वा बच्चों की स्थिति नाजुक बन गई। जिसका उक्त सेवासदन में विशेष सुविधा नहीं होने के कारण दम तोड़ दिया। और घटना होते ही  तुरंत बाद डॉक्टर फरार हो गए । जिसकी जानकारी परिजनों को मिली और सेवा सदन पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया।समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों के साथ-साथ परिजन सेवा सदन में ही डटे हुए थे। 

क्या कहते हैं परिजन-



 मुरली महतो का कहना है कि मैं अपनी पत्नी गीता देवी को प्रसव कराने को लेकर हजारीबाग ले जा रहा था। जिसकी पूर्व में भी विशेष तरह की जांच करवाई गई थी। जिसमें जुड़वा बच्चा होने की जानकारी मिली थी जिसको लेकर गुरुवार अहले सुबह हजारीबाग जाने के क्रम में बड़कागांव रेंज ऑफिस के निकट शांति सेवा सदन में तत्काल राहत दिलाने को लेकर संपर्क किया गया। तो संचालक विवेक कुमार सोनी ने सुरक्षित प्रसव कराने का जिम्मा लिया और किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होने की बात कही। इसके बाद गीता देवी को उक्त नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। भर्ती के बाद संचालक द्वारा डॉक्टर को फोन कर बुलाया गया। लेकिन डॉक्टर दोपहर 12:00 बजे तक पहुंचे और दोपहर को इलाज किया गया तथा डॉक्टर द्वारा जुड़वा बच्चे होने की बात के बाद ऑपरेशन की गई। वही ऑपरेशन विलंब से होने के कारण बच्चों की स्थिति नाजुक हो गई तथा किसी भी प्रकार की बच्चों के लिए सुविधा नहीं होने के कारण अंततः जुड़वा बच्चों ने दम तोड़ दिया । 


क्या कहते हैं संचालक-


शांति सेवा सदन संचालन विवेक कुमार सोनी ने बताया कि महिला की स्थिति काफी गंभीर थी जिसके बाद ऑपरेशन कराया गया। लेकिन बच्चादानी फटा हुआ था।जिससे बच्चों की स्थिति नाजुक हो गई थी।जिसके कारण बच्चों की मौत हो गई। साथ ही साथ  संचालन ने बताया कि नर्सिंग होम में नियमित  डॉक्टर नहीं हैं एवम  लेडी डॉक्टर नहीं होने के कारण उक्त परेशानी हुई। आगे उन्होंने बताया कि बड़कागांव- हजारीबाग सड़क मार्ग खराब होने के चलते डॉक्टर को आने में विलंब हुआ।

क्या करते हैं डॉक्टर- 


इस संबंध में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अर्जुन कुमार ने बताया कि बच्चादानी फटा हुआ था। एवं पूर्व से ही बच्चा मरा था। 


क्या कहते हैं बड़कागांव चिकित्सा प्रभारी डॉ एस के कान्त--



इस संबंध में बड़कागांव चिकित्सा प्रभारी डॉ एस के कान्त से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है जानकारी मिलते हैं  कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहते हैं सिविल सर्जन हजारीबाग- 


हजारीबाग सिविल सर्जन ललिता कुमारी ने इस संबंध में बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। लेकिन उक्त नर्सिंग होम में किसी प्रकार की सुविधा नहीं है तो कार्रवाई करते हुए तत्काल बंद कर दी जाएगी। एवं विशेष कार्रवाई की जाएगी।

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